Varanasi News: बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में सर्जरी विभाग की एक पीजी छात्रा द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान के निदेशक ने तत्काल तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
यह समिति छात्रा द्वारा लगाए गए मानसिक उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी और सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
तीन सदस्यीय जांच समिति करेगी पूरे मामले की पड़ताल
प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति का नेतृत्व चिकित्सा संकाय के डीन को सौंपा गया है। समिति में सर्जरी विभाग की प्रो. सीमा खन्ना और आईएमएस के उप मुख्य आरक्षाधिकारी को भी शामिल किया गया है। यह समिति प्रशासनिक, विभागीय और सुरक्षा के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच करेगी।
दो सीनियर डॉक्टरों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप
बताया जा रहा है कि पीजी छात्रा ने अपने पत्र में सर्जरी विभाग के दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अपमानित करने के आरोप लगाए हैं। छात्रा के अनुसार उसे बार-बार यह कहा जाता था कि वह सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं है और जीवन में कुछ नहीं कर पाएगी। परिजनों और सहकर्मियों का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी विभागीय अधिकारियों को शिकायत की गई थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
इंसुलिन की अधिक मात्रा लेकर किया आत्महत्या का प्रयास
जानकारी के अनुसार 27 वर्षीय छात्रा ने इंसुलिन की अधिक मात्रा लेकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है। छात्रा मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली बताई जा रही है और वाराणसी में सामने घाट के पास किराए के मकान में रहती थी।
घटना के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद संस्थान परिसर में छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। शनिवार शाम बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और संस्थान प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने यह भी मांग की कि छात्रा का इलाज निशुल्क कराया जाए।
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