Chaitra Navaratri: धर्मनगरी काशी में चैत्र नवरात्र का पर्व विशेष आस्था और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। यहां नवरात्र के नौ दिनों में नौ दुर्गा और नौ गौरी मंदिरों के दर्शन करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से इन मंदिरों में दर्शन करता है, उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइये जानते हैं काशी में कहां है नौ गौरी के मंदिर।
नौ गौरी दर्शन की है विशेष परंपरा
काशी में नवरात्र के दौरान नौ गौरी दर्शन की भी प्राचीन परंपरा है। मान्यता है कि देवी के इन स्वरूपों के दर्शन से विशेष आध्यात्मिक फल प्राप्त होता है।
- मुख्य निर्मालिका गौरी – गायघाट
- ज्येष्ठा गौरी – कर्णघंटा
- सौभाग्य गौरी – बांंसफाटक
- शृंगार गौरी – ज्ञानवापी
- विशालाक्षी गौरी – मीरघाट
- ललिता गौरी – ललिता घाट
- भवानी गौरी – अन्नपूर्णा क्षेत्र
- मंगल गौरी – पंचगंगा घाट
- महालक्ष्मी गौरी – लक्ष्मीकुंड
श्रद्धालु नवरात्र के दिनों में इन सभी स्थानों पर जाकर पूजा-अर्चना करते हैं।
नवरात्र में नौ दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा
नवरात्र के प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। काशी में इन नौ स्वरूपों से जुड़े विशेष मंदिर भी हैं, जहां भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं।
- प्रथम दिन – शैलपुत्री (अलईपुर)
- द्वितीय – ब्रह्मचारिणी (दुर्गाघाट)
- तृतीय – चंद्रघंटा (चौक)
- चतुर्थ – कूष्मांडा (दुर्गाकुंड)
- पंचम – स्कंदमाता (जैतपुरा)
- षष्ठ – कात्यायनी (संकटाघाट)
- सप्तमी – कालरात्रि (कालिका गली)
- अष्टमी – महागौरी (अन्नपूर्णा मंदिर)
- नवमी – सिद्धिदात्री (गोदौलिया क्षेत्र)
नवरात्र में इन मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की बड़ी संख्या उमड़ती है।
चैत्र नवरात्र में देवी आराधना का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वर्ष में चार नवरात्र होते हैं- चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। इनमें चैत्र और आश्विन नवरात्र को विशेष महत्व दिया गया है। काशी में इन नवरात्रों के दौरान देवी मंदिरों में विशेष पूजा, अनुष्ठान और भजन-कीर्तन आयोजित किए जाते हैं।
नवरात्र में बढ़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
नवरात्र के दिनों में काशी के देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा से सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्र में नौ दुर्गा और नौ गौरी के दर्शन करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

