Varanasi: निजी स्कूलों द्वारा फीस, किताब, ड्रेस और अन्य मदों में कथित मनमानी वसूली के खिलाफ शहर में अभिभावकों का आक्रोश अब संगठित रूप लेने लगा है। इसी क्रम में जवाहर नगर में आयोजित एक बैठक में ‘काशी अभिभावक संघ’ का गठन किया गया और आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूले जाने से विद्यार्थी और अभिभावक दोनों आर्थिक रूप से परेशान हैं। इस समस्या के समाधान के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का निर्णय लिया गया।
15 अप्रैल को डीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन
संघ (Varanasi) ने तय किया कि 15 अप्रैल (बुधवार) को जिलाधिकारी वाराणसी से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
अभिभावक संघ ने चार मुख्य मांगें रखी हैं—
- सभी निजी स्कूल अपनी फीस का पूरा विवरण वेबसाइट पर सार्वजनिक करें
- री-एडमिशन फीस को समाप्त कर उसे मासिक शुल्क में समायोजित किया जाए
- NCERT की किताबें अनिवार्य की जाएं
- 25% गरीब बच्चों का निःशुल्क दाखिला सुनिश्चित किया जाए
बैठक में उठी एकजुटता की आवाज
बैठक (Varanasi) में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के नाम पर हो रही मनमानी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा।
बैठक (Varanasi) में डॉ. शम्मी कुमार सिंह (अधिवक्ता), अभिषेक श्रीवास्तव (हिंदू युवा वाहिनी), राजेश सिंह, काशी सिंह, जितेंद्र सिंह, देवेंद्र पांडेय, राहुल नागवानी, अंकित सेठ और गणेश रावत सहित कई अभिभावक मौजूद रहे। संचालन और धन्यवाद ज्ञापन राजेश सिंह राजपूत ने किया।

