Varanasi में बनेगा ‘नमो: बनारस केंद्र’, 844 दुकानों के आधुनिक कॉम्प्लेक्स से बदलेगी दवा और साड़ी व्यापार की तस्वीर

Varanasi शहर के कैंट क्षेत्र में स्थित मालगोदाम की जमीन पर अब एक भव्य और आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स ‘नमो: बनारस केंद्र’ विकसित किया जाएगा। करीब 145 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना में कुल 844 आधुनिक दुकानें होंगी, जो खास तौर पर बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के व्यापारियों को नया ठिकाना प्रदान करेंगी।

यह अहम फैसला नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसकी अध्यक्षता महापौर अशोक कुमार तिवारी ने की।

कॉम्प्लेक्स में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

इस महत्वाकांक्षी परियोजना (Varanasi) के तहत 0.82 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ग्राउंड प्लस छह मंजिला (G+6) कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। लगभग 48 हजार वर्ग मीटर में फैले इस केंद्र में छोटे से बड़े आकार तक की दुकानों का निर्माण किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगा, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

Varanasi: दवा मंडी को मिलेगा नया जीवन

‘नमो: बनारस केंद्र’ खासतौर पर पारंपरिक बनारसी साड़ी उद्योग (Varanasi) से जुड़े बुनकरों और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। साथ ही, सप्तसागर दवा मंडी के व्यवसायियों को भी यहां व्यवस्थित और आधुनिक स्थान मिलेगा, जिससे उनके कारोबार को मजबूती मिलेगी।

शहर (Varanasi) को और अधिक स्मार्ट बनाने के लिए दूसरे चरण में प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में मुफ्त वाई-फाई सुविधा देने का निर्णय भी लिया गया है। इसके तहत बीएचयू अस्पताल, ट्रामा सेंटर वाराणसी और कैंसर अस्पताल वाराणसी में मरीजों और उनके तीमारदारों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

बिजली और यातायात व्यवस्था में भी सुधार

नगर निगम ने सलारपुर और पहाड़िया क्षेत्र में नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। इससे लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्रवर्तन दल को मजबूत किया जाएगा। 19 नए जवानों की भर्ती के बाद टीम की संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी। नगर निगम (Varanasi) ने 83 अनुपयोगी वाहनों की नीलामी को भी मंजूरी दी है, हालांकि कुछ वाहनों की प्रक्रिया जांच पूरी होने तक रोक दी गई है।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विकास कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि टेंडर जारी होने के एक सप्ताह के भीतर ठेकेदार से अनुबंध करना अनिवार्य होगा, ताकि परियोजनाएं समय पर शुरू हो सकें। वहीं नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल (Varanasi) ने गुणवत्ता से समझौता न करने की सख्त चेतावनी दी।

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