Varanasi: शहर में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली और अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी (Varanasi) ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों की फीस का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करें। साथ ही DIOS (जिला विद्यालय निरीक्षक) और BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारी) को इस पूरे मामले की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों (Varanasi) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
अभिभावकों के लिए कंट्रोल रूम
डीएम (Varanasi) ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निजी स्कूलों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान अभिभावकों और छात्रों से सीधे फीडबैक भी लिया जाएगा। यदि किसी स्कूल में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावक हेल्पलाइन नंबर: 0542-2509413 पर कॉल करके निम्न मामलों में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Varanasi: स्कूलों के लिए नए नियम
प्रशासन (Varanasi) ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों पर कई सख्त शर्तें लागू की हैं—
- पिछले 3 वर्षों के ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड जमा करना अनिवार्य
- फीस वृद्धि केवल तय मानकों और ठोस कारणों के आधार पर ही मान्य होगी
- CPI + 5% से अधिक फीस बढ़ोतरी पर रोक
- छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा
- 5 वर्षों के भीतर यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं किया जाएगा
- शुल्क निर्धारण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता जरूरी
इस मुद्दे पर आयोजित बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट, विद्यालय प्रबंधन और अभिभावक प्रतिनिधियों (Varanasi) ने भी भाग लिया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की आर्थिक मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

