वाराणसी में टीईटी (TET) अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार शाम शिक्षक कचहरी स्थित सर्किट हाउस के सामने एकत्र हुए। इसके बाद मशाल जुलूस कचहरी, गोलघर होते हुए वरुणा पुल स्थित अंबेडकर पार्क तक निकाला गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
TET: गोष्ठी में सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
अंबेडकर पार्क पहुंचकर जुलूस एक विचार गोष्ठी में बदल गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने सरकार पर शिक्षकों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
TET: संघ के जिलाध्यक्ष सकलदेव सिंह ने कहा कि Right to Education Act 2010 लागू होने के समय पहले से कार्यरत शिक्षकों को TET से छूट दी गई थी और इसके बाद वर्ष 2017 में चुपचाप संशोधन कर इसे सभी के लिए अनिवार्य बना दिया गया। उन्होंने इसे शिक्षकों (TET) के साथ “धोखा” बताते हुए चेतावनी दी कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय उनके अधिकारों और पूर्व व्यवस्था के खिलाफ है, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिक्षक संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे चरणबद्ध आंदोलन (TET) शुरू करेंगे, जिससे प्रदेशभर में इसका असर देखने को मिल सकता है।

