यूपी के अयोध्या जिले (Ayodhya) से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। राजघाट क्षेत्र में आयोजित भव्य ‘श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ’ के दौरान अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने यज्ञशाला और आसपास के पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और वीआईपी मेहमानों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह महायज्ञ राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट के पास स्वामी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा था। शनिवार को अनुष्ठान के दौरान अचानक आग की लपटें उठने लगीं। पंडाल (Ayodhya) में इस्तेमाल किए गए सूखे घास-फूस और कपड़े के टेंट के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के इलाके में भी दहशत फैल गई।
वीआईपी मौजूदगी के बीच मचा हड़कंप
इस महायज्ञ का आयोजन दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में किया जा रहा था। घटना के समय वह खुद मौके पर मौजूद थे। उनके साथ गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह भी कार्यक्रम में शामिल थे। आग लगते ही सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए वीआईपी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि पंडाल में रखा काफी सामान जलकर नष्ट हो गया।
Ayodhya: दमकल की टीमें जुटीं, राहत-बचाव जारी
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। करीब चार दमकल गाड़ियां लगातार आग बुझाने में लगी रहीं। रेस्क्यू टीमों ने पंडाल के भीतर फंसे सामान और उपकरणों को बाहर निकालने का काम भी शुरू कर दिया है। प्रशासन (Ayodhya) की प्राथमिकता आग पर जल्द से जल्द काबू पाना और स्थिति को सामान्य करना है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या हवन कुंड से निकली चिंगारी को संभावित वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस घटना (Ayodhya) के बाद बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

