Prayagraj: कोल्ड स्टोर हादसे के बाद मलबे पर ‘लूट का मंजर’, किसान तबाह, प्रशासन सख्त

Prayagraj: फाफामऊ के चंदापुर गांव स्थित कोल्ड स्टोर हादसे के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा, लेकिन इसी बीच घटनास्थल के पास का इलाका अव्यवस्था और लूट जैसी स्थिति का गवाह बन गया। मलबा हटाए जाने के दौरान पास के बेला कछार क्षेत्र में फेंके गए अवशेषों से आलू, सरिया और ईंट निकालने के लिए स्थानीय ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए।

हालात ऐसे हो गए कि कोई स्कूटी पर आलू ले जाता दिखा, तो कोई बाइक और ठेले पर सरिया व ईंट लादकर ले जाता नजर आया। सबसे अधिक भीड़ आलू बटोरने वालों की रही। सोमवार रात से शुरू हुआ यह सिलसिला मंगलवार भोर तक जारी रहा, जिससे पूरा इलाका अस्थायी बाजार जैसा दिखाई देने लगा।

Prayagraj: सड़न से दुर्गंध और बीमारियों का खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ व्यापारी भी इस भीड़ का हिस्सा बन गए और यहां से आलू उठाकर बाजार में बेचने लगे। वहीं, सरकारी वाहनों के जरिए भी आलू ढोए जाने की चर्चाओं ने मामले को और गंभीर (Prayagraj) बना दिया है। हालांकि, कुछ लोग यह तर्क भी दे रहे हैं कि मलबे में दबे आलू को निकालना जरूरी है, वरना सड़न से दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

इस हादसे ने किसानों की मेहनत पर गहरा असर डाला है। मंगलवार सुबह जब किसान अपनी जमा पर्चियां लेकर कोल्ड स्टोर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर वे स्तब्ध रह गए। मलबे में दबे आलू और पूरी तरह बर्बाद हुई फसल ने उन्हें झकझोर दिया।

लोगों की मेहनत पर पड़ा पानी

फूलपुर क्षेत्र के गोरियों गांव निवासी पवन कुमार पटेल, सुनील कुमार, चिंतामणि और मोरहू गांव के रामराज पाल समेत शिवगढ़ के दादूपुर निवासी शंकर पासी ने बताया कि उन्होंने चार महीने की कड़ी मेहनत के बाद आलू की फसल तैयार की थी और महज एक सप्ताह पहले ही उसे सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोर (Prayagraj) में जमा किया था। हादसे में पवन पटेल के 400 बोरी, सुनील के 284 बोरी, चिंतामणि के 300 बोरी, रामराज पाल के 180 बोरी और शंकर पासी के 90 बोरी आलू पूरी तरह नष्ट हो गए।

घटना के बाद किसानों में भारी आक्रोश है। पीड़ितों ने सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें।

इधर, प्रदेश के उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों (Prayagraj) की समीक्षा की। उन्होंने सभी शीतगृहों की मानक जांच कराने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि प्रभावित किसानों को उनके नुकसान की भरपाई शीघ्र कराई जाएगी।

प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने भी मौके का निरीक्षण कर मलबा जल्द हटाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निर्देश दिए। अमोनिया गैस रिसाव की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

हादसे में घायल 17 लोगों का इलाज बेली अस्पताल और स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में चल रहा है। वहीं, चार मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है।

इस मामले (Prayagraj) में मुख्य आरोपी सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद, उनके बेटे मंजूर और भतीजे अलाउद्दीन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस ने कोल्ड स्टोर मालिक समेत सात नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज (Prayagraj) की है। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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