महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में “भारतीय ज्ञान परंपरा का संप्रेषण: सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक परिप्रेक्ष्य” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. प्रो. वासुदेव सिंह स्मृति न्यास, पत्रकारिता विभाग और हिन्दी पत्रकारिता संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्वानों ने भारतीय ज्ञान के मूल आधार, समग्रता और प्रभावी संप्रेषण पद्धतियों पर चर्चा की.
मुख्य विवरण:
- उद्घाटन: डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित.
- मुख्य अतिथि: पद्मभूषण प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, जिन्होंने भारतीय परंपरा को दिशा देने वाला बताया.
- प्रमुख वक्ता: प्रो. हरिकेश सिंह (अध्यक्षता), प्रो. जंग बहादुर पांडेय (विशिष्ट अतिथि), प्रो. प्रभाकर सिंह, डॉ. रामसुधार सिंह.
- प्रकाशित कृति: इस अवसर पर यूजीसी केयर लिस्टेड शोध पत्रिका ‘नमन’ का भी विमोचन किया गया.
संगोष्ठी के उद्देश्य:
- भारतीय ज्ञान परंपरा के संप्रेषण के तरीकों पर मंथन.
- सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में ज्ञान को पुनर्रिभाषित करना.
- भारतीय ज्ञान परंपरा में तत्परता, इंद्रिय-संयम और मन के नियंत्रण पर जोर.

