Varanasi: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक होने जा रही है। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से ऐप-आधारित नई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास (Varanasi) के अनुसार, धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।
Varanasi: क्या है नई व्यवस्था?
नई प्रणाली के तहत सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं के लिए आने वाले श्रद्धालुओं (Varanasi) का पंजीकरण ऐप के माध्यम से किया जाएगा। इसमें आधार संख्या सहित कुछ जरूरी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का भाषाई और क्षेत्रीय वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे संबंधित भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा सकेगी। इससे श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव मिलेगा।
यह नई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी और 1 मई 2026 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मंदिर न्यास (Varanasi) का कहना है कि यह प्रणाली सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगी। श्रद्धालुओं की पहचान संबंधी जानकारी सीमित समय के लिए सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
आम श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलाव?
न्यास ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। काशीवासियों (Varanasi) के लिए भी विशेष द्वार से सुबह और शाम के समय मुफ्त दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है। साथ ही, सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।

