काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में कक्षा 11 की परीक्षा के दौरान सामने आया एक चौंकाने वाला मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। यहां एक ही रोल नंबर पर दो अलग-अलग छात्रों के परीक्षा देने की कोशिश ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान दो ऐसे मामले सामने आए, जहां रोल नंबर और नाम में गड़बड़ी पाई गई। पहले मामले में उज्जवल कुमार (पिता मुन्ना राम) की जगह कोई दूसरा छात्र परीक्षा देता मिला। दूसरे मामले में दिव्यांशु सोनकर (पिता राम जी सोनकर) के नाम पर भी एक अन्य छात्र परीक्षा दे रहा था। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुछ छात्रों ने दूसरे के नाम पर परीक्षा देने की कोशिश की, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
BHU: छात्रों को भेजा गया थाने
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों संदिग्ध छात्रों को पकड़कर लंका थाने भेज दिया। वहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया के बीच वास्तविक छात्र परीक्षा (BHU) से वंचित रह गए, जिससे उनके भविष्य को लेकर परिजनों में चिंता बढ़ गई है।
परिजनों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन थाने पहुंच गए और विश्वविद्यालय प्रशासन (BHU) पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि रोल नंबर और पहचान का सही सत्यापन नहीं किया गया। प्रशासनिक गलती की सजा छात्रों को भुगतनी पड़ रही है।
परिजनों ने मांग की है कि प्रभावित छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब BHU की परीक्षा या प्रवेश व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी कई बार ऐसी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
फिलहाल पूरे मामले की जांच (BHU) जारी है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह गड़बड़ी तकनीकी त्रुटि, प्रशासनिक लापरवाही या फिर सुनियोजित फर्जीवाड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

