Varanasi: राजकीय पीएम श्री क्वींस इंटर कॉलेज में इस बार यूपी बोर्ड का रिजल्ट सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, विवाद और संकल्प की एक अनोखी कहानी लेकर आया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 23 अप्रैल को जारी 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में इसी कॉलेज के छात्र सूर्यदीप प्रजापति (Varanasi) ने प्रदेश में छठवां स्थान हासिल कर न केवल जिला टॉप किया, बल्कि स्कूल के लिए नया इतिहास भी रच दिया।
Varanasi: प्रिंसिपल हुए भावुक, छलकें आंसू
रिजल्ट सामने आते ही कॉलेज (Varanasi) के प्रिंसिपल सुमीत कुमार श्रीवास्तव खुद को रोक नहीं पाए और भावुक हो उठे। टॉपर छात्र और उसके परिवार के सामने उन्होंने जिले के डीएम सत्येंद्र कुमार को फोन किया। उनकी आवाज भर्रा गई थी। उन्होंने कहा, “सर, मैंने वादा किया था कि इस कॉलेज से टॉपर निकलेगा, और आज वह सच हो गया। इस स्कूल ने इतिहास बना दिया है, आप कॉलेज जरूर आइए।”
साझा की संघर्ष की कहानी
हालांकि इस सफलता के पीछे का सफर आसान नहीं था। प्रिंसिपल के मुताबिक, पिछले दो साल उनके लिए किसी संघर्ष से कम नहीं रहे। सुबह से देर शाम तक स्कूल में रहकर उन्होंने पढ़ाई के स्तर को सुधारने का प्रयास किया। रिजल्ट वाले दिन भी वह सुबह चार बजे ही उठ गए थे, क्योंकि उन्हें अपने छात्रों पर पूरा भरोसा था। सूर्यदीप प्रजापति ने प्रदेश में छठा स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और सही मार्गदर्शन से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
प्रिंसिपल (Varanasi) ने बताया कि परीक्षा के दौरान उन्होंने सभी छात्रों से वादा किया था कि जो भी टॉप-10 में जगह बनाएगा, उसे वह अपने वेतन से 1 लाख रुपए का इनाम देंगे। अब उन्होंने घोषणा की है कि यह इनाम सूर्यदीप को दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मैं पिछले दो सालों से इसी दिन का इंतजार कर रहा था। जब पहली बार सूर्यदीप से मिला, तभी उसकी प्रतिभा पहचान ली थी। हमने उसी दिशा में मेहनत की और आज उसका परिणाम सबके सामने है।”
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि दशकों बाद किसी सरकारी स्कूल के छात्र ने प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में जगह बनाई है। क्वींस कॉलेज (Varanasi) की यह सफलता न सिर्फ एक छात्र की जीत है, बल्कि उस सोच की भी जीत है, जो चुनौतियों के बीच भी बदलाव की उम्मीद नहीं छोड़ती।

