बदरीनाथ मंदिर (Badrinath Dham) के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में द्वार पूजन सम्पन्न हुआ।
वैशाख शुक्ल सप्तमी के शुभ अवसर पर प्रातः 6:15 बजे मंदिर के कपाट विधिवत खोले गए। कपाट खुलने से पूर्व द्वार पूजन और पंचांग पूजन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद परंपरा के अनुसार रावल ने नर पूजा की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान पुष्कर सिंह धामी और मंदिर समिति के अध्यक्ष सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने पूजा-अर्चना (Badrinath Dham)कर भगवान बदरी विशाल का आशीर्वाद लिया।
लगातार चौथी बार शामिल हुए शंकराचार्य
यह लगातार चौथा अवसर रहा जब ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कपाट खुलने के मौके पर उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि उन्हें 12 सितंबर 2022 को ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया गया था।
शंकराचार्य ने कहा कि कपाट खुलने के बाद अगले छह माह तक श्रद्धालु भगवान बदरीनाथ (Badrinath Dham) के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने सभी सनातन धर्मावलंबियों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
Badrinath Dham: कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर (Badrinath Dham) पर स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती, स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि, स्वामी श्रीनिधिरव्यानन्द सागर, स्वामी अप्रमेयशिवसाक्षात्कृतानन्द गिरि सहित कई संत और गणमान्य भक्त मौजूद रहे। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी समेत अन्य पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत सम्पन्न हुए और कपाट (Badrinath Dham) खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

