धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी (Varanasi) एक बार फिर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव की साक्षी बनने जा रही है। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) स्थित सूर्य सरोवर मैदान में ‘सम्राट विक्रमादित्य महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन के तहत उज्जैन के महान शासक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, पराक्रम और न्यायप्रियता पर आधारित विशाल महानाट्य का मंचन होगा।
इस भव्य आयोजन का शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और आयोजकों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
महानाट्य में दिखेगा इतिहास का जीवंत चित्रण
सम्राट विक्रमादित्य शोध संस्थान द्वारा आयोजित (Varanasi) इस महानाट्य में 200 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। मंचन में तीन विशाल मंच तैयार किए गए हैं, जहां सिंहासन बत्तीसी, बेताल पच्चीसी और भविष्य पुराण के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस प्रस्तुति (Varanasi) का मुख्य आकर्षण 27 फीट ऊंचा सिंहासन होगा, जो दर्शकों को प्राचीन भारत के स्वर्णिम युग की झलक दिखाएगा। साथ ही, हाथी, घोड़े, ऊंट, रथ और पालकी के माध्यम से उस कालखंड को वास्तविक रूप देने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में 400 से अधिक लाइट्स, बड़ी एलईडी स्क्रीन और विशेष प्रभावों का इस्तेमाल किया जाएगा। दो बार भव्य आतिशबाजी भी आयोजन को और आकर्षक बनाएगी। महानाट्य की रचना पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित ने की है, जबकि निर्देशन संजीव मालवीय द्वारा किया गया है। यह आयोजन (Varanasi) पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
Varanasi: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम स्थल पर लगभग 10 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि कुल 20 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और हर आगंतुक की सघन जांच की जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अलग-अलग टीमों की तैनाती की गई है और पूरे आयोजन की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्लान भी तैयार किया गया है।
महोत्सव में ‘आर्ष भारत’, ‘शिव पुराण’, ‘चौरासी महादेव’ और ‘श्रीहनुमान’ जैसे विषयों पर आधारित प्रदर्शिनियां भी लगाई जाएंगी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का फूड कोर्ट भी लोगों को आकर्षित करेगा, जहां इंदौरी पोहा-जलेबी से लेकर मालवा की कचौरी और मावा बाटी तक का स्वाद मिलेगा।
वैदिक घड़ी बनेगी खास आकर्षण
इस आयोजन के दौरान काशी विश्वनाथ धाम को एक विशेष ‘वैदिक घड़ी’ भी भेंट की जाएगी, जो भारतीय काल गणना पर आधारित होगी। यह घड़ी पंचांग, मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और मौसम की जानकारी भी प्रदर्शित करेगी।
‘सम्राट विक्रमादित्य महोत्सव’ सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा और इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन लोगों को अपने अतीत से जोड़ने के साथ-साथ सुशासन, न्याय और सांस्कृतिक विरासत के मूल्यों को भी समझने का अवसर देगा।

