काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के बिड़ला ए हॉस्टल के बाहर देर रात छात्रों ने अपने दो साथियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में धरना शुरू कर दिया। आक्रोशित छात्रों ने बिड़ला चौराहे पर सड़क जाम कर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।
धरने की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय (BHU) का प्रॉक्टोरियल बोर्ड मौके पर पहुंचा और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान छात्रों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। छात्र अपने साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े रहे और धरना खत्म करने से इनकार कर दिया।
BHU छात्रों को किया गया गिरफ्तार
छात्रों का आरोप है कि पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने उनके साथियों को फर्जी मुकदमे में फंसाकर हिरासत में लिया है। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर और संबंधित अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज समेत पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध करा दिए हैं, बावजूद इसके कार्रवाई की गई।
छात्रों के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले करौंदी गेट के पास एक मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति ने बिड़ला हॉस्टल के 5-6 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। छात्रों (BHU) का दावा है कि घटना के समय वे अलग-अलग स्थानों पर मौजूद थे—कुछ बिड़ला ग्राउंड में खेल रहे थे, कुछ लाइब्रेरी में थे और कई अपने कमरों में थे।
छात्रों (BHU) ने बताया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज हॉस्टल प्रशासन द्वारा पुलिस को सौंप दी गई है, जो उनकी बेगुनाही साबित करती है। इसके बावजूद दो छात्रों को हिरासत में लेकर थाने में बैठाया गया है, जिससे छात्रों में नाराजगी है।
धरने पर बैठे छात्रों (BHU) ने चेतावनी दी है कि जब तक उनके साथियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं राकेश गौतम ने बताया कि मामले में दो छात्रों से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

