Varanasi News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े विवादित बयान के मामले में वाराणसी की एमपी-एमएलए अदालत में सोमवार को सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान अवर न्यायालय से पत्रावली तलब करते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।
तिलमापुर के पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा ने राहुल गांधी के बयान को लेकर अदालत में धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। उसी प्रार्थना पत्र की निगरानी से जुड़ी सुनवाई सोमवार को अदालत में हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने विदेश दौरे के दौरान दिए अपने बयान में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की थी। इसी मामले में न्यायालय से कार्रवाई की मांग की गई है।
इस मामले से जुड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित Brown University में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद वाराणसी के अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अदालत में परिवाद दायर किया।
अदालत ने फिलहाल मामले की आगे की सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय कर दी है। अगली सुनवाई में यह तय किया जा सकता है कि इस प्रकरण में आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।
राहुल गांधी ने क्या कहा था ?
यह विवाद अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में राहुल के दिए बयान से शुरू हुआ। अप्रैल 2025 में स्टूडेंट्स से बातचीत में राहुल ने भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताते हुए उस युग की कहानियों को ‘काल्पनिक’ कहा था। इस पर स्थानीय वकील हरिशंकर पांडेय ने याचिका दाखिल की, जिसमें राहुल को ‘राम द्रोही’ बताते हुए हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया।
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