Varanasi News: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एलपीजी गैस की कथित किल्लत के विरोध में किया गया अनोखा प्रदर्शन एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को महंगा पड़ गया। पुलिस ने इस मामले में छह नामजद सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जबकि मौके से हिरासत में लिए गए दो कार्यकर्ताओं का शांतिभंग में चालान कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब दो बजे नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर एकत्र हुए। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक तरीके से नाले के ऊपर गैस चूल्हा रखकर सीवर की गैस से चाय बनाने की कोशिश की। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय परिसर में एलपीजी गैस की कमी के कारण छात्रावासों और मेस के संचालन में परेशानी हो रही है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को ऐसा करने से रोका, लेकिन विरोध जारी रहने पर पुलिस ने चूल्हा और अन्य सामान जब्त कर लिया तथा दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इस दौरान एनएसयूआई के पूर्वी क्षेत्र अध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में गैस की भारी कमी है, जिसके कारण कई जगहों पर मेस ठीक से नहीं चल पा रहे हैं और छात्रों को भोजन के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस के अनुसार विद्यापीठ चौकी प्रभारी की तहरीर पर ऋषभ पांडेय, आशीष मौर्य, रंजीत सेठ, किशन निगम, भरतलाल निगम और जतिन पटेल समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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