Varanasi News: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘भगवान राम काल्पनिक’ बयान से जुड़े मामले में सोमवार को वाराणसी की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में अहम सुनवाई होने जा रही है। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है। यदि वे अदालत में पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह मामला विशेष न्यायाधीश यजुर्वेद कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन है। पिछली सुनवाई के दौरान राहुल गांधी अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे, जिसके कारण मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी गई थी। अदालत ने संकेत दिया है कि इस बार उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जा सकता है।
दरअसल, यह विवाद उस बयान से जुड़ा है जो राहुल गांधी ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित Brown University में छात्रों से बातचीत के दौरान दिया था। अप्रैल 2025 में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताते हुए उस युग की कई कहानियों को ‘काल्पनिक’ कहा था। उनके इस बयान के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध और राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।
वाराणसी के अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने इस बयान को लेकर अदालत में परिवाद दायर किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि कांग्रेस और उसके नेता समय-समय पर सनातन धर्म के प्रतीकों पर अनुचित टिप्पणियां करते रहे हैं, जिससे लोगों की आस्था को ठेस पहुंचती है।
इस मामले में 12 मई 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया गया था, जिसे प्रारंभिक स्तर पर निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की। अब इस मामले की सुनवाई विशेष अदालत में हो रही है, जहां यह तय किया जाएगा कि राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में आगे मुकदमा चलाया जाएगा या नहीं।
अमेरिका में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी से हिंदू राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्ष राजनीति को लेकर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि भारत के महान सामाजिक और आध्यात्मिक सुधारक जैसे बुद्ध, गुरु नानक, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमेशा समानता, दया और सहिष्णुता का संदेश दिया है। हालांकि भगवान राम को लेकर की गई उनकी टिप्पणी के कारण यह मामला विवाद का कारण बन गया।
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