Varanasi: आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ने के बावजूद वाराणसीवासियों को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। पिछले दो दिनों से बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन उमस और तेज गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं दोपहर बाद चली तेज लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड (Varanasi) किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक है। दिनभर तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही तो रही, लेकिन इससे तापमान में कोई खास गिरावट नहीं आई।
40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू
दोपहर करीब तीन बजे के बाद मौसम का मिजाज और अधिक तल्ख हो गया। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसा दिया। शाम चार बजे के बाद लू का असर और तेज हो गया। सड़कें सूनी नजर आईं और लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर रहे। दिन ढलने के बाद भी गर्म हवाओं का प्रभाव बना रहा, हालांकि देर रात तापमान में हल्की गिरावट दर्ज होने से कुछ राहत महसूस हुई।
Varanasi: 28 जून के बाद बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक तापमान ऊंचा बना रह सकता है और लू का असर जारी रहेगा। हालांकि 28 जून के बाद वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों (Varanasi) में मानसूनी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और लू से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
बारिश (Varanasi) का इंतजार कर रहे काशीवासियों की निगाहें अब मौसम के अगले बदलाव पर टिकी हैं। उम्मीद है कि जून के अंतिम दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ तपती धरती को राहत की पहली फुहार मिल सकती है।

