Ayodhya के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान और नकदी प्रबंधन की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विवाद के बावजूद रामलला के चरणों में श्रद्धालुओं की आस्था पहले की तरह बनी हुई है और प्रतिदिन बड़ी मात्रा में चढ़ावा मंदिर को प्राप्त हो रहा है। अब मंदिर में आने वाली नकदी की गणना रोजाना की जा रही है और उसी दिन धनराशि को भारतीय स्टेट बैंक की निर्धारित शाखा में जमा कराया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में राम मंदिर में प्रतिदिन लगभग 18 से 20 लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हो रहा है। बीते दस दिनों में करीब दो करोड़ रुपये बैंक में जमा किए जाने की चर्चा है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दानपात्रों की संख्या पहले ही बढ़ाई जा चुकी थी, वहीं अब नकदी की निगरानी और गणना प्रक्रिया को भी और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
साप्ताहिक गिनती से रोजाना गणना तक का सफर
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। इसके चलते प्रारंभिक दौर में सप्ताह में एक बार होने वाली चढ़ावे की गिनती को बाद में नियमित किया गया। अब व्यवस्था (Ayodhya) को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिदिन नकदी की गिनती कर उसे बैंक में जमा कराया जा रहा है। वर्तमान में इस कार्य में बैंक के लगभग 14 कर्मचारी लगाए गए हैं।
Ayodhya: चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच में जुटी एसआईटी
दानराशि में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावे की गणना, निगरानी और जमा प्रक्रिया में कहीं कोई व्यवस्थागत खामी तो नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर अनियमितताओं को अंजाम दिया गया हो। सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों के नाम चोरी के आरोपों में सामने आए हैं, वे पूर्व में चढ़ावा गणना व्यवस्था से जुड़े रहे हैं।
2021 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही जांच टीम
एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा वर्ष 2021 से वर्तमान तक बढ़ा दिया है। जांच एजेंसियां मंदिर परिसर (Ayodhya) और उससे जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं में तैनात कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और अन्य कर्मियों का ब्योरा जुटा रही हैं। बताया जा रहा है कि दर्शन व्यवस्था, अतिथि प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और अन्य कार्यों में लगभग डेढ़ सौ लोगों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई थीं। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि इनकी नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई और उनकी जवाबदेही किस स्तर पर तय की गई थी।
19 जून को अयोध्या आ सकते हैं मुख्यमंत्री योगी
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 19 जून को अयोध्या (Ayodhya) पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। उनके संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान अयोध्या में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी कर सकते हैं। चूंकि दानराशि से जुड़ी जांच (Ayodhya) इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है, इसलिए मुख्यमंत्री के दौरे को विशेष महत्व दिया जा रहा है। पूरे प्रदेश की निगाहें अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट और मुख्यमंत्री की संभावित समीक्षा बैठक पर टिकी हुई हैं।

