Varanasi: शंकराचार्य घाट स्थित अविमुक्तेश्वरानंद श्रीविद्या मठ के हनुमान मंदिर में हुई चोरी की घटना का वाराणसी पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया चांदी और पीतल का सामान तथा नकदी भी बरामद की है।
एसीपी गौरव कुमार ने शनिवार को बताया कि 24 अप्रैल 2026 की रात श्रीविद्या मठ परिसर स्थित श्री हनुमान मंदिर (Varanasi) में चोरी की वारदात हुई थी। घटना के बाद पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली थी, लेकिन वह मोबाइल फोन बंद कर लगातार ठिकाना बदल रहा था।
रत्नाकर पार्क के पास से दबोचा गया मुख्य आरोपी
अस्सी चौकी प्रभारी नवीन कुमार चतुर्वेदी और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजू खान को रत्नाकर पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी थाना लंका क्षेत्र के साकेत नगर (नारिया) का निवासी है। पूछताछ के दौरान राजू खान ने स्वीकार किया कि मंदिर से चोरी किए गए चांदी के आभूषण उसने भेलूपुर क्षेत्र के दो सर्राफा कारोबारियों को बेच दिए थे। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दोनों कारोबारियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
Varanasi: माल खरीदने वाले दो सुनार भी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सर्राफा कारोबारियों में ध्रुव कुमार वर्मा निवासी रानीपुर, महमूरगंज और संतोष वर्मा निवासी सराय नंदन, दशमी, भेलूपुर शामिल हैं। दोनों पर चोरी का माल खरीदने और छिपाने का आरोप है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भगवान के गले का चांदी का हार, चांदी के तीन मुकुट, चांदी की टूटी हुई गदा का ऊपरी हिस्सा, चांदी की चैन और उसका एक टुकड़ा, पीतल का लोटा, आचमनी पात्र तथा 1,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद सामान की पहचान मंदिर प्रशासन (Varanasi) द्वारा की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों (Varanasi) के अनुसार, घटना के खुलासे में सर्विलांस और तकनीकी जांच की अहम भूमिका रही। लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी अन्य चोरी की घटनाओं से संबंध तो नहीं है।

