International Yoga Day पर काशी रचेगी इतिहास, 84 घाटों पर एक साथ होगा योगाभ्यास, घाटों से गांवों तक योग का विस्तार

योग की वैश्विक राजधानी के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करते हुए काशी इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पर नया इतिहास रचने की तैयारी में है। 21 जून को जिलेभर में 5 लाख से अधिक लोगों के सामूहिक योगाभ्यास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह के अनुसार काशी के सभी 84 घाट इस बार योग दिवस के भव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे। नमो घाट से योग सप्ताह का शुभारंभ हो चुका है और अब विभिन्न घाटों पर लगातार योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

योग सप्ताह के दौरान प्रमुख घाटों पर विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें:

  • नमो घाट
  • राजघाट
  • पंचअग्नि घाट
  • रानी घाट
  • निषाद घाट
  • दशाश्वमेध घाट
  • ललिता घाट
  • सिंधिया घाट

प्रमुख रूप से शामिल हैं।

International Yoga Day: घाटों से गांवों तक योग का विस्तार

योग दिवस (International Yoga Day) को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए कार्यक्रम केवल घाटों तक सीमित नहीं रहेगा। जिले के:

  • विद्यालय
  • महाविद्यालय
  • विश्वविद्यालय
  • अस्पताल
  • सरकारी कार्यालय
  • सार्वजनिक पार्क
  • धार्मिक स्थल
  • ग्रामीण क्षेत्र

भी योग कार्यक्रमों का केंद्र बनेंगे।

694 ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान

ग्रामीण क्षेत्रों में भी योग (International Yoga Day) के प्रसार के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। जिले की 694 ग्राम पंचायतों में युवा मंगल दल और महिला मंगल दल के सदस्यों को कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये प्रशिक्षित सदस्य गांवों में मास्टर ट्रेनर के रूप में लोगों को योगाभ्यास कराएंगे और जागरूकता फैलाएंगे।

योग सप्ताह में बढ़ रही भागीदारी

16 जून से शुरू हुए योग सप्ताह के दौरान प्रतिदिन हजारों लोग विभिन्न स्थानों पर योग कर रहे हैं। 17 जून को राम घाट, अग्निश्वर घाट, गणेश घाट, भोंसले घाट, गंगा महल घाट, सिंधिया घाट, ललिता घाट और दशाश्वमेध घाट पर बड़े स्तर के सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

जिला प्रशासन का मानना है कि नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान के अनुरूप काशी का यह आयोजन (International Yoga Day) देश-दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। गंगा तट पर हजारों लोगों का एक साथ योगाभ्यास न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश भी देगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर काशी भागीदारी, अनुशासन और भव्यता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

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