वाराणसी में CBI की बड़ी कार्रवाई, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में कोयला कारोबारी विनय राय गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच कर रही CBI को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में फरार चल रहे कोयला कारोबारी विनय राय उर्फ पमपम को मंगलवार सुबह वाराणसी के पुलिस लाइन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।

CBI का दावा है कि हत्या की साजिश रचने, शूटरों की व्यवस्था करने और फंडिंग उपलब्ध कराने में विनय राय की भूमिका बेहद अहम रही है। गाजीपुर के जमानिया कोतवाली क्षेत्र स्थित मतसा गांव निवासी विनय राय झारखंड के धनबाद में रहकर कोयला कारोबार करता था। जांच एजेंसी पिछले कई दिनों से गाजीपुर, बलिया और वाराणसी में लगातार दबिश दे रही थी।

सूचना मिली थी कि आरोपी वाराणसी के कैंट क्षेत्र में छिपा हुआ है और रेलवे स्टेशन की ओर निकलने की तैयारी में है। इसी आधार पर सीबीआई टीम ने पुलिस लाइन के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

कई गंभीर मामलों में पहले से दर्ज हैं मुकदमे

CBI के अनुसार विनय राय के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले गाजीपुर के विभिन्न थानों में पहले से दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में पेश किया गया, जहां से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर उसे सीबीआई के हवाले कर दिया गया।

पूर्वांचल कनेक्शन से जांच और गंभीर

इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड में पूर्वांचल का कनेक्शन लगातार सामने आ रहा है। विनय राय की गिरफ्तारी इस मामले में पूर्वांचल से तीसरी बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है। इससे पहले बलिया निवासी राज सिंह और रसड़ा के राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच एजेंसी का दावा है कि हत्या की पूरी साजिश में पूर्वांचल, बिहार और झारखंड से जुड़े लोगों का नेटवर्क सक्रिय था। नौ संदिग्ध युवकों की पहचान भी की गई थी। CBI के मुताबिक विनय राय ने झारखंड में रहकर पूरी रणनीति तैयार की और शूटरों तक हथियार तथा पैसे पहुंचाने में भूमिका निभाई।

CBI ने शूटर की गिरफ्तारी के बाद खोली परतें

बताया जा रहा है कि बलिया के शूटर राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद ही विनय राय एजेंसी के रडार पर आ गया था। हालांकि वह लगातार ठिकाने और मोबाइल नंबर बदलकर बचने की कोशिश कर रहा था। एजेंसी को शक है कि उसे स्थानीय स्तर पर भी मदद मिल रही थी।

छह मई की हत्या से मचा था राजनीतिक भूचाल

6 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें तीन गोलियां चंद्रनाथ रथ को लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।

इस सनसनीखेज हत्या के बाद राजनीतिक हलकों में बड़ा भूचाल आ गया था। जांच के दौरान सामने आया कि फायरिंग करने वाला मुख्य शूटर बलिया निवासी राजकुमार सिंह था। इसके बाद से सीबीआई लगातार पूर्वांचल नेटवर्क की जांच में जुटी हुई थी।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और फिर उसे अदालत में पेश किया गया। CBI ने अदालत से आरोपी को कोलकाता ले जाकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी। अदालत ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर करते हुए आदेश दिया कि आरोपी को 21 मई की शाम तक संबंधित अदालत में पेश किया जाए।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles