Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के विरोध में शुक्रवार को वाराणसी के शास्त्री घाट पर सोनार नरहरी सेना के नेतृत्व में विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में सोनार समाज, स्वर्णकार कारीगर, सर्राफा व्यापारी तथा संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और समाज की उपेक्षा को लेकर नाराजगी जताई गई।

धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं (Varanasi) ने कहा कि स्वर्णकार समाज सदियों से देश की अर्थव्यवस्था और व्यापार व्यवस्था को मजबूती देता आया है, लेकिन हाल के बयानों से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से अपने बयान पर पुनर्विचार करने की मांग की।
सोनार समाज आर्थिक व्यवस्था का मजबूत स्तंभ
सोनार नरहरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि सोनार समाज देश की आर्थिक व्यवस्था का मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से पूरे स्वर्णकार समाज (Varanasi) में नाराजगी है और सरकार को जल्द कारीगरों एवं व्यापारियों के हित में ठोस निर्णय लेना चाहिए।
वहीं संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने कहा कि “एक वर्ष तक सोना न खरीदने” जैसी अपील से छोटे दुकानदारों और कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि बाजार पहले से ही मंदी की मार झेल रहा है और ऐसे बयानों से व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
Varanasi: परिवार की आजीविका पर संकट
स्वर्णकार नेता जितेंद्र वर्मा ने कहा कि हजारों कारीगर दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। यदि सोने का व्यापार (Varanasi) प्रभावित होगा तो सबसे ज्यादा नुकसान गरीब कारीगरों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से स्वर्णकार समाज के रोजगार और सम्मान की रक्षा करने की मांग की।
धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में प्रधानमंत्री के बयान पर पुनर्विचार करने, सोनार समाज के सम्मान की रक्षा करने तथा स्वर्णकार कारीगरों और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
कार्यक्रम (Varanasi) के अंत में समाज के लोगों ने अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।

