गाजियाबाद में NDRF को मिला राष्ट्रपति ध्वज, अमित शाह बोले- आपदा में देशवासियों की सबसे बड़ी उम्मीद बना बल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को गाजियाबाद स्थित 8वीं वाहिनी परिसर में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को प्रतिष्ठित “राष्ट्रपति ध्वज” प्रदान किया। इस अवसर पर आयोजित परेड समारोह में NDRF के अधिकारी, बचावकर्मी और उनके परिवारजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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कार्यक्रम में पीयूष आनंद समेत गृह मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य आपदा मोचन बलों और विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। समारोह में एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र संगठन और “आपदा मित्र” स्वयंसेवकों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

राष्ट्रपति ध्वज को बताया सर्वोच्च सम्मान

समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति ध्वज किसी भी सुरक्षा बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि NDRF ने अपनी त्वरित कार्रवाई, पेशेवर दक्षता और मानवीय सेवा भावना के दम पर देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय NDRF देशवासियों के लिए उम्मीद और भरोसे का प्रतीक बनकर उभरा है। गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री के “आपदा जोखिम न्यूनीकरण के दस सूत्रीय एजेंडा” का उल्लेख करते हुए कहा कि NDRF वैश्विक स्तर पर भी भारत की आपदा राहत क्षमता को मजबूत पहचान दिला रहा है।

19 जनवरी 2006 को स्थापना के बाद से NDRF ने “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” के ध्येय वाक्य को सार्थक करते हुए देशभर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्तमान में NDRF की 16 बटालियनें देश के 69 स्थानों पर तैनात हैं।

आपदा राहत कार्यों में संतरी रंग की वर्दी के कारण NDRF को “एंजेल्स इन ऑरेंज” के नाम से भी जाना जाता है। बल ने अब तक लगभग 12 हजार बड़े राहत एवं बचाव अभियान चलाए हैं, जिनमें डेढ़ लाख से अधिक लोगों की जान बचाई गई है। इसके अलावा बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के दौरान 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाया दम

NDRF ने कई अंतरराष्ट्रीय राहत अभियानों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जापान (2011), नेपाल (2015), तुर्किए (2023), म्यांमार (2025) और श्रीलंका (2025) में आपदा राहत अभियानों के जरिए भारत की क्षमता का परिचय दिया गया। गृह मंत्री ने कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए NDRF के 17 जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों का उद्घाटन

समारोह के दौरान अमित शाह ने देहरादून स्थित NDRF क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया। साथ ही अगरतला, अर्नाकुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक और गांधीनगर में छह नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की आधारशिला भी रखी।

इस अवसर पर गृह मंत्री ने 10 अधिकारियों को विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदक तथा तीन बचावकर्मियों को उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया। इसके अलावा खेल, नवाचार और फिटनेस श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को ट्रॉफियां भी प्रदान की गईं।

समारोह के दौरान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के ब्रास एवं पाइप बैंड की प्रस्तुति और NDRF जवानों के रोमांचक रोप रेस्क्यू प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति और सेवा भावना का माहौल देखने को मिला।

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