वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने मंगलवार को बरेका मैदान में आयोजित महिला सम्मेलन में हिस्सा लिया। बरेका पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिलाएं—प्रबुद्ध वर्ग, लखपति दीदी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं—उपस्थित रहीं। पूरा मैदान नारी शक्ति के उत्साह से खचाखच भरा नजर आया।
खुली जीप में पहुंचे PM Modi, गूंजे जयकारे
प्रधानमंत्री खुली जीप में जनसभा स्थल तक पहुंचे, जहां “मोदी-मोदी” और “हर-हर महादेव” के नारों से माहौल गूंज उठा। उनके साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर और नमस्कार कर महिलाओं का अभिवादन स्वीकार किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री (PM Modi) ने मंच पर कुछ महिलाओं से संवाद किया और उन्हें काशी की कला-संस्कृति से जुड़े उपहार भी भेंट किए गए। महिलाएं हाथों में झंडे, पोस्टर और प्रधानमंत्री की तस्वीर लिए उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल रहीं।
पीएम मोदी (PM Modi) ने रिमोट के माध्यम से लगभग 6300 करोड़ रुपये की 163 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही रेलवे और अन्य विकास योजनाओं पर आधारित डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्म भी प्रस्तुत की गईं, जिनमें परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
दुग्ध उत्पादकों को बोनस और ट्रेनों को हरी झंडी
प्रधानमंत्री ने 3.21 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को बनास डेयरी की ओर से बोनस राशि डिजिटल रूप से ट्रांसफर की। साथ ही दो नई अमृत भारत ट्रेनों को वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
‘हर-हर महादेव’ से शुरू हुआ संबोधन
अपने संबोधन की शुरुआत “नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने काशी को मां गंगा, माता अन्नपूर्णा और माता विशालाक्षी की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जोर
प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण मिलना चाहिए और इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
पीएम मोदी (PM Modi) ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक महिलाओं के आरक्षण को रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से डरते हैं।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भोजपुरी और बनारसी अंदाज का भी इस्तेमाल किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के साथ उनका जुड़ाव और मजबूत हुआ। उन्होंने (PM Modi) कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और काशी का विकास आगे और तेज गति से होगा।

