Varanasi: बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर नगर निगम सख्त नजर आ रहा है। सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर और नगर आयुक्त ने अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ा रुख अपनाया।
बैठक में अशोक कुमार तिवारी (महापौर) और हिमांशु नागपाल (नगर आयुक्त) ने सीएम ग्रिड योजना के तहत सिगरा क्षेत्र में सड़क निर्माण में हुई लापरवाही को गंभीरता से लिया।
महापौर (Varanasi) ने संबंधित अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। घंटी मिल सहित अन्य सड़कों का कार्य 30 मई तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
Varanasi: 22 ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि वर्ष 2023 में टेंडर जारी होने के बावजूद 22 परियोजनाएं अब तक शुरू नहीं हो सकीं। इस पर नाराजगी जताते हुए महापौर (Varanasi) ने ऐसे सभी ठेकेदारों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब टेंडर प्रक्रिया हर शुक्रवार और शनिवार को लॉटरी सिस्टम के जरिए पूरी की जाएगी।
सफाई व्यवस्था में नई पहल
नगर आयुक्त ने शहर (Varanasi) को स्वच्छ बनाने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। अब यदि कोई नागरिक सड़क पर गंदगी फैलाने वालों की फोटो नगर निगम को भेजता है, तो उसे 500 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा रेस्टोरेंट, मिठाई और चाट की दुकानों के बाहर डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा और नियम तोड़ने पर पहले नोटिस, फिर जुर्माना लगाया जाएगा।
शहर में जलभराव की समस्या को देखते हुए 30 बड़े नालों की मशीन से सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निकाले गए सिल्ट (कीचड़) को 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया गया है। विशेष रूप से रथयात्रा, गोदौलिया, लंका और गिरजाघर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों (Varanasi) पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

