Varanasi: जुलाई की शुरुआत के साथ ही काशी में मानसून ने दस्तक तो दे दी है, लेकिन शहर अब भी झमाझम बारिश का इंतजार कर रहा है। पिछले दो दिनों से आसमान पर घने बादलों का डेरा है, तेज हवाएं भी चल रही हैं, लेकिन बारिश सिर्फ हल्की फुहारों तक ही सीमित है। ऐसे में उमस और गर्मी से बेहाल लोगों की निगाहें अब भी आसमान पर टिकी हैं कि कब बादल खुलकर बरसेंगे।
गुरुवार सुबह अस्सी घाट सहित शहर (Varanasi) के कई इलाकों में मौसम सुहावना रहा। काले बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर दी, लेकिन बारिश नहीं होने से उम्मीदें फिर अधूरी रह गईं। घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने खुशनुमा मौसम का आनंद लिया, वहीं किसान और आम नागरिक अच्छी बारिश की आस लगाए हुए हैं।
अगले कुछ दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार वाराणसी में अगले तीन से पांच दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग (Varanasi) के पूर्वानुमान के मुताबिक अधिकतम तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
Varanasi: धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है मानसून
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, हालांकि फिलहाल लगातार और व्यापक वर्षा के बजाय रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना अधिक है।
बारिश में हो रही देरी से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। खरीफ फसलों (Varanasi) की बुवाई और खेतों की तैयारी के लिए अच्छी बारिश बेहद जरूरी मानी जाती है। यदि अगले कुछ दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय होता है तो न केवल लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि खेती-किसानी को भी बड़ा फायदा होगा।
फिलहाल काशी (Varanasi) का मौसम भले ही सुहावना हो गया हो, लेकिन शहर को अब भी उस बारिश का इंतजार है, जो धरती की प्यास बुझाने के साथ लोगों को भीषण उमस से राहत दिला सके।

