Varanasi: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बुधवार सुबह प्रशासन ने पांच मस्जिदों के चिन्हित हिस्सों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब 7:30 बजे से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मजदूरों ने मस्जिदों के चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्सों को हटाना शुरू किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
कार्रवाई शुरू होने से पहले प्रशासन ने दालमंडी क्षेत्र के प्रवेश मार्गों को टीन के शेड लगाकर बंद कर दिया। ध्वस्तीकरण (Varanasi) स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पूरे क्षेत्र की निगरानी वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की जा रही है।
1860 सुरक्षाकर्मी तैनात, कई एजेंसियां मोर्चे पर
सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 1860 जवान तैनात किए गए हैं। इनमें 7 कंपनी पीएसी, एक बटालियन सीआरपीएफ, एक बटालियन आरआरएफ तथा स्थानीय पुलिस बल शामिल है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था लगातार मॉनिटर की जा रही है।
प्रशासन (Varanasi) ने सबसे पहले चौक थाना के पीछे स्थित मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग के सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने का काम शुरू किया। इसके बाद अन्य चिन्हित मस्जिदों के प्रभावित हिस्सों पर भी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। ध्वस्तीकरण कार्य के लिए करीब 50 मजदूर लगाए गए हैं।
Varanasi: छह मस्जिदें परियोजना की जद में
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत कुल 181 मकानों के साथ छह मस्जिदें प्रभावित हो रही हैं। इनमें लंगड़े हाफिज मस्जिद, नेसारन की मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, अली रजा मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और मस्जिद मिर्जा करीमुल्लाह बेग शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार लंगड़े हाफिज मस्जिद को छोड़कर अन्य पांच मस्जिदों (Varanasi) के प्रबंधन ने पहले ही सड़क चौड़ीकरण के लिए सहमति दे दी थी। मुहर्रम से पहले प्रभावित हिस्सों का सर्वे और माप-जोख पूरा कर लिया गया था।
धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए मुहर्रम के दौरान कार्रवाई स्थगित रखी गई थी। अब मुहर्रम समाप्त होने के बाद प्रशासन ने परियोजना को आगे बढ़ाते हुए ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू किया है। अधिकारियों का कहना है कि केवल सड़क चौड़ीकरण (Varanasi) की जद में आने वाले हिस्सों को ही हटाया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मीडिया कर्मियों को ध्वस्तीकरण स्थल के पास वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करने से रोक दिया। मौके पर किसी भी बाहरी व्यक्ति को रुकने की अनुमति नहीं दी गई और पूरे क्षेत्र की निगरानी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में की जाती रही।

