Varanasi में भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने बिजली विभाग के एक अवर अभियंता (जेई) को 22 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी जेई पर नए मकान के निर्माण के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन देने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ कैंट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
एंटी करप्शन विभाग (Varanasi) के अनुसार टकटकपुर, थाना कैंट निवासी अमित कुमार श्रीवास्तव ने 11 जून 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक संगठन, वाराणसी मंडल में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने मंशानगर कॉलोनी स्थित अपने नए मकान के निर्माण कार्य के लिए 6 जून 2026 को अस्थायी विद्युत कनेक्शन हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि आवेदन की पैरवी के लिए जब वह 10 जून को विद्युत उपखंड 33/11 केवी पंचम खंड, पांडेयपुर के अवर अभियंता सुखदेव स्वरूप रस्तोगी (Varanasi) से मिले, तो उन्होंने कनेक्शन स्वीकृत करने के बदले 22 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। साथ ही 12 जून को प्लॉट पर मिलने के लिए कहा गया।
जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी
शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। निरीक्षक उमाशंकर यादव के नेतृत्व में टीम (Varanasi) शुक्रवार को शिकायतकर्ता के प्लॉट, मंशानगर कॉलोनी, टकटकपुर में पहले से मौजूद रही। करीब 11:44 बजे आरोपी जेई सुखदेव स्वरूप रस्तोगी मौके पर पहुंचा और शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम मांगी। जैसे ही उसने 22 हजार रुपये की रिश्वत ली, एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
Varanasi: हाथ धुलवाने पर गुलाबी हुआ घोल
गिरफ्तारी (Varanasi) के बाद टीम ने नियमानुसार आरोपी के हाथ धुलवाए। हाथ धुलने के दौरान घोल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत की रकम छूने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के कब्जे से रिश्वत के नोट भी बरामद कर लिए गए।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखदेव स्वरूप रस्तोगी पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद रस्तोगी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से आलमनगर, थाना तालकटोरा, लखनऊ का निवासी है और वर्तमान में गौतम विहार कॉलोनी, सरसौली, शिवपुर में रह रहा था। सुखदेव रस्तोगी वर्ष 2015 से विद्युत विभाग में कार्यरत है और वर्तमान में 33/11 केवी उपकेंद्र पांडेयपुर में अवर अभियंता (जेई) के पद पर तैनात था।
एंटी करप्शन वाराणसी मंडल (Varanasi) के प्रभारी निरीक्षक के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना कैंट, कमिश्नरेट वाराणसी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

