Varanasi: पूर्वांचल की प्रमुख थोक मंडी दालमंडी में गुरुवार को ध्वस्तीकरण अभियान के तहत प्रशासन ने 12 भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू की। मुनादी और पूर्व सूचना के बाद बुलडोजर तथा अन्य मशीनों की मदद से मकानों और दुकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम मार्ग विकसित करने की योजना के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।
दालमंडी क्षेत्र में इन दिनों बुलडोजर की गड़गड़ाहट और ध्वस्तीकरण कार्य लगातार जारी है। एक ओर प्रशासन इस परियोजना को शहर (Varanasi) के विकास और यातायात सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से यहां व्यापार और निवास कर रहे लोगों के बीच भविष्य को लेकर चिंता भी बनी हुई है।
12 भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू
पीडब्ल्यूडी विभाग के अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि गुरुवार को कुल 12 भवनों को ध्वस्त किया जाना है। इनमें से तीन से चार भवन स्वामियों ने स्वयं अपने भवनों को तोड़ना शुरू कर दिया है, जबकि शेष भवनों पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि परियोजना (Varanasi) के लिए कुल 181 भवन चिह्नित किए गए थे, जिनमें से अब तक 120 भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं। गुरुवार की कार्रवाई पूरी होने के बाद यह संख्या बढ़कर 132 हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार प्रभावित भवन स्वामियों को अब तक मुआवजे के रूप में करोड़ों रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। प्रशासन का दावा है कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति प्रदान की जा रही है और शेष मामलों का भी निस्तारण किया जा रहा है।
Varanasi: धार्मिक स्थलों को लेकर जारी है संवाद
परियोजना क्षेत्र में आने वाले कुछ धार्मिक स्थलों को लेकर प्रशासन और संबंधित मस्जिद समितियों के बीच बातचीत जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आपसी सहमति और नियमों के अनुरूप समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रस्तावित योजना (Varanasi) के तहत कुछ धार्मिक ढांचों के आंशिक हिस्सों पर भी कार्रवाई की जानी है, जिसके लिए क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया भारी पुलिस बल
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि जिन भवन स्वामियों ने अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री करा दी है, उनके भवनों पर ध्वस्तीकरण (Varanasi) की कार्रवाई की जा रही है। कई भवन मालिकों ने स्वयं ही अपने भवनों को खाली कर ध्वस्त करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि अभियान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी, पैरामिलिट्री बल और विभिन्न थानों की फोर्स तैनात की गई है।
ड्रोन और सोशल मीडिया पर भी निगरानी
प्रशासन (Varanasi) की ओर से पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश न हो।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार खुफिया तंत्र और इंटेलिजेंस इकाइयों को भी सक्रिय किया गया है। किसी भी तरह की शांति भंग करने वाली गतिविधि सामने आने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दालमंडी क्षेत्र में चल रहा यह ध्वस्तीकरण अभियान काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र को शहर के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने और मॉडल सड़क विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। प्रशासन (Varanasi) का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर भूमि खाली कराकर सड़क निर्माण कार्य को गति देना है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

