Varanasi: काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दर्शन के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं को अब लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर कालभैरव मंदिर प्रशासन ने काशीवासियों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था आगामी सावन माह से प्रभावी होगी, जिसके तहत स्थानीय निवासी आधार कार्ड दिखाकर निर्धारित समय में सुगमता से दर्शन कर सकेंगे।
सावन से लागू होगी विशेष व्यवस्था
मंदिर प्रशासन (Varanasi) के अनुसार काशीवासी प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच आधार कार्ड के माध्यम से अपनी स्थानीय पहचान सत्यापित कर बिना सामान्य कतार में लगे बाबा कालभैरव के दर्शन कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करना और बढ़ती भीड़ के बीच उनकी परेशानी कम करना है।
कालभैरव मंदिर के महंत मोहित योगेश्वर ने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में जहां पांच हजार से अधिक श्रद्धालु आते हैं, वहीं रविवार, मंगलवार और विशेष पर्वों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में स्थानीय लोगों (Varanasi) को भी दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
Varanasi: श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के चलते हुआ फैसला
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया है। भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालु (Varanasi) मुख्य द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे, जबकि दर्शन के बाद पिछले गेट से बाहर निकलेंगे। निकास के लिए भूतही इमली मार्ग का उपयोग किया जाएगा, जिससे मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम होगा और दर्शन व्यवस्था अधिक सुचारु रहेगी।
मंदिर प्रशासन (Varanasi) का मानना है कि सावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह नई व्यवस्था स्थानीय नागरिकों के लिए राहत भरी साबित होगी और दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेगी।

