IPL सट्टेबाजी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए वाराणसी पुलिस और एसओजी टीम ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले कई महीनों से वाराणसी को आधार बनाकर देश के विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े डिजिटल वॉलेट बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क महाराष्ट्र के रहने वाले एक व्यक्ति ‘मलिक’ के इशारे पर संचालित हो रहा था, जिसे गिरोह (IPL) का मुख्य सरगना माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
IPL: फाइनल के दौरान लोगों से ऑनलाइन सट्टा
अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) अलोक प्रियदर्शी ने बताया कि आईपीएल फाइनल (IPL) के दौरान देशभर के लोगों से ऑनलाइन सट्टा लगवाया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने टकटकपुर क्षेत्र में छापेमारी कर गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच में पता चला कि नेटवर्क से देशभर के करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े हुए थे।
पुलिस जांच में हवाला लेनदेन और अवैध निवेश के संकेत भी मिले हैं। आरोप है कि गिरोह से जुड़े एक प्रमुख सदस्य रितेश दिवाकर शुक्ला ने हवाला के माध्यम से धन प्राप्त कर लखनऊ में करीब 75 लाख रुपये की संपत्ति खरीदी थी। अधिकारियों के अनुसार आरोपी पिछले लगभग दस महीनों से वाराणसी में रहकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे।
शिक्षित युवाओं की भूमिका आई सामने
जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टेबाजी के प्रचार-प्रसार के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, टेलीग्राम चैनल और सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया जा रहा था। कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर्स (IPL) के माध्यम से प्रचारात्मक सामग्री तैयार कर लोगों को सट्टे के लिए आकर्षित किया जाता था। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार गिरोह विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं, विशेष रूप से क्रिकेट मैचों (IPL) पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराता था। पुलिस का दावा है कि हाल के महीनों में करोड़ों रुपये के लेनदेन हुए हैं, जिनकी वित्तीय जांच जारी है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल डेटा के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और आर्थिक गतिविधियों का भी पता लगाया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में रितेश दिवाकर शुक्ला समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही फरार सरगना ‘मलिक’ और उससे जुड़े अन्य लोगों (IPL) की तलाश के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की वित्तीय और तकनीकी जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
यह कार्रवाई वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसने ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला और डिजिटल भुगतान से जुड़े पहलुओं की जांच तेज कर दी है।

