देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने सोमवार को एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर से केमिस्ट्री कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है।
CBI के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर NEET पेपर लीक कराने और उसे छात्रों तक पहुंचाने वाले संगठित नेटवर्क का हिस्सा था। एजेंसी का दावा है कि उसके मोबाइल फोन से NEET-UG का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ है।
CBI की छापेमारी में मिले अहम सबूत
अधिकारियों के अनुसार, रविवार को CBI ने मोटेगांवकर के कोचिंग संस्थान और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान उसके मोबाइल फोन से कथित लीक पेपर और कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले। मोटेगांवकर रेनुकाई रसायन विज्ञान कक्षाएं (RCC) नाम से कोचिंग नेटवर्क संचालित करता है, जिसके महाराष्ट्र के सात जिलों में सेंटर बताए जा रहे हैं।
CBI ने RCC के मुख्य कार्यालय से दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। जांच एजेंसी को शक है कि इसी नेटवर्क के जरिए छात्रों तक लीक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया।
23 अप्रैल को ही मिल गया था पेपर!
CBI का दावा है कि मोटेगांवकर और उसके साथियों ने 23 अप्रैल को ही NEET-UG का प्रश्नपत्र और आंसर-की हासिल कर ली थी। इसके बाद कथित तौर पर इसे चुनिंदा छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कोचिंग नेटवर्क का टर्नओवर करीब 100 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या लीक पेपर के बदले बड़ी रकम वसूली गई थी।
अब तक 10 गिरफ्तार, 6 आरोपी महाराष्ट्र से
NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें छह आरोपी महाराष्ट्र से हैं। इससे पहले जांच में पी. वी. कुलकर्णी, मनीषा वाघमारे और मनीषा मंधारे जैसे नाम सामने आए थे। CBI के अनुसार, मनीषा मंधारे NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थीं और उन्हें पहले से पता था कि परीक्षा में कौन से सवाल आने वाले हैं। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने पुणे में विशेष कोचिंग क्लास चलाकर छात्रों को संभावित सवाल और उत्तर नोट करवाए थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अपने घर पर विशेष क्लास आयोजित की थी। CBI का दावा है कि इन क्लासों में छात्रों को वही सवाल, विकल्प और उत्तर बताए गए, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए। एजेंसी को छात्रों की नोटबुक और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से इस संबंध में अहम सबूत मिले हैं।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल
इस मामले को लेकर राहुल गाँधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में पूछा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
NTA में प्रशासनिक फेरबदल
लगातार विवादों के बीच केंद्र सरकार ने NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव भी किए हैं। IRS अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया को जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि अनुजा बापट और रुचिता विज को जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है।
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। NTA के अनुसार, 7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने लगी थीं। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।

