Petrol-Diesel Rate: देशभर में पेट्रोल-डीजल के कीमतों में इजाफा, 4 साल बाद बढ़े दाम; जानिए नए रेट और असर

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Rate) में बड़ा इजाफा किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने करीब चार साल बाद खुदरा ईंधन दरों में बढ़ोतरी की है। नई कीमतों के मुताबिक पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर और डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा हो गया है। बढ़ी हुई दरें शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई हैं।

नई कीमतों के बाद राजधानी नई दिल्ली में नियमित पेट्रोल ₹97.91 प्रति लीटर और डीजल ₹90.78 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹105 से ₹107 प्रति लीटर के बीच हो गई है।

क्यों बढ़े Petrol-Diesel Rate?

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ईंधन दरों में बढ़ोतरी (Petrol-Diesel Rate) करनी पड़ सकती है। तेल कंपनियों का दावा था कि महंगे क्रूड ऑयल की वजह से उन्हें रोजाना करीब ₹1,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा था।

मंत्री के अनुसार यदि कीमतों में संशोधन नहीं किया जाता, तो एक तिमाही में सरकारी तेल कंपनियों का घाटा ₹1 लाख करोड़ से अधिक पहुंच सकता था। हालांकि कंपनियों ने जितनी बढ़ोतरी की है, उसे अनुमानित घाटे की तुलना में अभी भी सीमित माना जा रहा है।

दिल्ली में नए रेट

  • नियमित पेट्रोल: ₹94.77 से बढ़कर ₹97.91 प्रति लीटर
  • प्रीमियम पेट्रोल: लगभग ₹105.14–₹107.14 प्रति लीटर
  • नियमित डीजल: ₹87.67 से बढ़कर ₹90.78 प्रति लीटर

कैसे तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें (Petrol-Diesel Rate) रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और परिवहन लागत जैसे कई कारक शामिल होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, टैक्स और अन्य शुल्क जुड़ने के बाद पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत मूल कीमत से लगभग दोगुनी तक पहुंच जाती है।

ईंधन महंगा होने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। परिवहन लागत बढ़ने (Petrol-Diesel Rate) से सब्जियों, खाद्यान्न, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही निजी वाहन चलाने वालों और व्यापारिक परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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1 COMMENT

  1. ये तो होना ही था बस 5 राज्यों के चुनाव का इंतजार था

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