Varanasi: मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के अवलेशपुर इलाके में गुरुवार को नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ मौके पर पहुंची और कथित अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर कई अस्थायी निर्माण ध्वस्त कर दिए।
कार्रवाई के दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। नगर निगम (Varanasi) की टीम ने दो बुलडोजरों की मदद से टीनशेड, दीवारें और अन्य निर्माणों को हटाया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया था, जिसे कब्जामुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर तीन थानों की पुलिस फोर्स, दो प्लाटून पीएसी और महिला पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। प्रभावित परिवारों का कहना था कि वे कई वर्षों से वहां रह रहे थे और टीनशेड डालकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। कुछ लोगों (Varanasi) ने बताया कि उन्होंने वहीं पशुपालन भी कर रखा था और पशुओं के लिए शेड बनाए गए थे।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उनके पास जमीन से जुड़े दस्तावेज भी मौजूद हैं। लोगों का कहना था कि वे लेखपाल और कानूनगो के पास अपनी बात रखने पहुंचे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। प्रभावित लोगों के मुताबिक जब वे कागजात लेकर अपर नगर आयुक्त (Varanasi) के पास पहुंचे तो उनसे स्टे ऑर्डर मांगा गया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन उनके दस्तावेजों को मान्यता नहीं दे रहा है।
महिलाओं का अनोखा विरोध
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। कई महिलाएं बुलडोजर चला रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के पास मिठाई और पानी लेकर पहुंचीं और कार्रवाई रोकने की अपील करती रहीं। महिलाओं का कहना था कि अचानक हुई कार्रवाई (Varanasi) से उनके सामने रहने और रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कई महिलाएं भावुक होकर अधिकारियों से मोहलत देने की मांग करती नजर आईं।
शहरभर में तेज हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान
इधर नगर निगम ने शहर के अन्य इलाकों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। चितईपुर, कैंट और वरुणा पार क्षेत्रों में भी सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराया जा रहा है। नगर निगम (Varanasi) के अनुसार अब तक करीब 550 बीघा सरकारी जमीन से कब्जा हटाया जा चुका है। हाल ही में हुए सर्वे में 1400 बीघे से अधिक सरकारी भूमि चिह्नित की गई थी, जिन पर अवैध कब्जे पाए गए।
नगर निगम का कहना है कि पहले उन जमीनों को खाली कराया जा रहा है, जहां किसी प्रकार का विवाद नहीं है। कब्जा हटाने के बाद जमीन की तारबंदी कर वहां नगर निगम का बोर्ड लगाया जाएगा, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
सरकारी योजनाओं के लिए होगा इस्तेमाल
अधिकारियों के मुताबिक खाली कराई गई जमीनों का उपयोग भविष्य में कम्युनिटी सेंटर, बारातघर, पार्क और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा। नगर निगम के अनुसार इन जमीनों की अनुमानित कीमत करीब 700 करोड़ रुपये है।
कुछ स्थानों पर नगर निगम ने पिलर और बोर्ड लगाकर जमीन को अपनी संपत्ति घोषित भी कर दिया है। सर्वे के दौरान नवविस्तारित क्षेत्रों के 79 गांवों में 1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे पाए गए थे। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव (Varanasi) ने कहा कि सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां भी अवैध अतिक्रमण मिलेगा वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

