उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और खासतौर पर बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन विकास खंडों (ब्लॉक्स) में अभी तक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने (CM Yogi) अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से इस दिशा में सहयोग की अपील की, ताकि कोई भी बच्चा, खासकर बेटियां, शिक्षा से वंचित न रहें।
ड्रॉप आउट रेट में आई कमी
सीएम योगी (CM Yogi) ने बताया कि राज्य ने स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या (ड्रॉप आउट रेट) को कम करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके पीछे सरकार की विभिन्न योजनाओं और शिक्षा सुधार कार्यक्रमों की अहम भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के जरिए सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ है, जिससे वे निजी स्कूलों के मुकाबले खड़े हो सके हैं। वहीं निपुण भारत अभियान के माध्यम से बच्चों की बुनियादी शिक्षा और सीखने की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।
KGBV स्कूल अब 12वीं तक- CM Yogi
सरकार ने गरीब परिवारों की बेटियों के लिए एक और अहम कदम उठाते हुए KGBV स्कूलों को कक्षा 8 से बढ़ाकर अब कक्षा 12 तक संचालित करने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की छात्राओं को बीच में पढ़ाई छोड़ने की मजबूरी नहीं होगी।
यह पहल विशेष रूप से उन क्षेत्रों की बेटियों के लिए लाभकारी होगी, जहां शिक्षा के संसाधन सीमित हैं। आवासीय विद्यालयों के विस्तार से न केवल शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में पढ़ाई का अवसर भी मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय (CM Yogi) प्रदेश में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को नई गति देगा। इससे बेटियों के भविष्य को संवारने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव भी मजबूत होगी।

