वाराणसी के चर्चित कोडीन कफ सिरप तस्करी (Cough Syrup) मामले में अब सियासी और पारिवारिक कनेक्शन भी सामने आने लगे हैं। हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के साथ प्रदीप जायसवाल की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। हालांकि, प्रदीप जायसवाल ने इन आरोपों से खुद को अलग बताते हुए इसे पारिवारिक मामला करार दिया है।
Cough Syrup: 42 लाख बरामद, 6 आरोपी गिरफ्तार
कोतवाली पुलिस और एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई (Cough Syrup) में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने उनके कब्जे से 42 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीनें, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है। जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा भी हुआ है।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल के अनुसार, वैभव जायसवाल इस पूरे रैकेट का अहम किरदार है, जो तस्करी से अर्जित रकम को हवाला के जरिए इधर-उधर करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि वैभव जायसवाल कफ सिरप तस्करी (Cough Syrup) से हुई कमाई को सोना, शराब और साड़ी कारोबार के जरिए हवाला में बदलता था। छोटे नोटों के बंडलों का इस्तेमाल लेन-देन की पहचान के रूप में किया जाता था।
SIT के रडार पर पूरा परिवार
अब एसआईटी ने वैभव के पूरे पारिवारिक नेटवर्क को जांच के दायरे में ले लिया है। परिजनों और रिश्तेदारों के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि अवैध कमाई के स्रोत और उसके प्रवाह का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियां इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल (Cough Syrup) के दुबई और नेपाल में छिपे होने की आशंका है, जबकि वह कोलकाता के रास्ते भी आवाजाही कर सकता है।
फेसटाइम पर होती थी बातचीत
एसीपी विजय प्रताप ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि फरारी के दौरान शुभम जायसवाल और वैभव जायसवाल के बीच फेसटाइम के जरिए लगातार संपर्क बना हुआ था।
गौरतलब है कि इस मामले (Cough Syrup) को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहले ही अन्य दलों के नेताओं पर सवाल उठा चुके हैं। अब उसी पार्टी के एक प्रमुख पदाधिकारी के परिवार का नाम सामने आने से सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।

