Varanasi: लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी में भी अग्निशमन विभाग और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दोनों विभागों ने शहर के कोचिंग संस्थानों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। पिछले दो दिनों में 25 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें करीब 70 प्रतिशत संस्थानों में सुरक्षा मानकों और भवन स्वीकृति से जुड़ी गंभीर खामियां सामने आईं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में बुधवार को निरीक्षण अभियान की शुरुआत भोजूबीर स्थित फिजिक्स वाला (PW) से हुई। जांच के दौरान यहां कुछ मामूली कमियां मिलीं, जिन्हें जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों (Varanasi) ने बताया कि संस्थान की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
पैथोलॉजी सेंटर का भी किया गया निरीक्षण
इसके बाद टीम मोमेंटम कोचिंग और कौटिल्य कोचिंग सेंटर (Varanasi) पहुंची, लेकिन दोनों संस्थानों पर ताला लटका मिला। भवन में मौजूद एक पैथोलॉजी सेंटर का भी निरीक्षण किया गया, जहां सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई।
निरीक्षण का अगला पड़ाव पांडेयपुर चौराहा रहा। यहां स्थित द लक्ष्य एकेडमी भी बंद मिली। हालांकि अधिकारियों ने भवन का निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि आपातकालीन निकासी मार्ग (Emergency Exit) में ही एयर कंडीशनर के बाहरी यूनिट (AC Outdoor Units) लगाए गए थे। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए भवन संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
Varanasi: ऑनलाइन चलती है क्लासेज
इसी दौरान आसपास की अन्य इमारतों की भी जांच की गई। एक्सिस एकेडमी के कार्यालय (Varanasi) में मौजूद प्रतिनिधि ने अधिकारियों को बताया कि उनकी कक्षाएं फिलहाल ऑनलाइन संचालित हो रही हैं।
मीडिया से बातचीत में मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि पिछले दो दिनों में शहर के कई कोचिंग संस्थानों (Varanasi) का निरीक्षण किया गया है। कई संस्थानों को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के चलते सील भी किया गया है। उन्होंने कहा कि कई जगह फायर सेफ्टी उपकरण तो लगे मिले, लेकिन कर्मचारियों को उनका उपयोग करना ही नहीं आता था, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरा साबित हो सकता है।
संस्थानों में ताला लगाकर मालिक फरार
उन्होंने बताया कि जिन संस्थानों (Varanasi) में ताला बंद मिला है, उनसे संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। यदि निर्धारित समय में संचालक विभाग के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं, तो अगले पांच से सात दिनों के भीतर नोटिस चस्पा कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएफओ ने स्पष्ट किया कि अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिन संस्थानों में भवन मानकों, फायर एनओसी, आपातकालीन निकासी व्यवस्था अथवा अन्य सुरक्षा प्रावधानों में कमी पाई जाएगी, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों (Varanasi) की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

