Varanasi: हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद वाराणसी में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को दुर्गाकुंड स्थित आकाश कोचिंग सेंटर पर वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए), फायर विभाग और भेलूपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुरक्षा और भवन निर्माण मानकों में कई गंभीर अनियमितताएं मिलने पर वीडीए ने तत्काल प्रभाव से कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग को सील कर दिया।
इसी के साथ ही अग्निशमन विभाग ने एलेन कोचिंग L-1 कोचिंग को भी सील कर दिया और इसके अलावा अन्य कई सेंटरों को नोटिस जारी किया है। टीम ने कुल नौ जगहों पर निरीक्षण किया, जिसमें से 5 स्थानों पर खामियां मिली और यह कार्रवाई की गई।
संयुक्त टीम ने भवन की संरचना, फायर सेफ्टी सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों (Varanasi) का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई कमियां सामने आने पर अधिकारियों ने मौके पर ही सीलिंग की कार्रवाई करते हुए भवन को बंद करा दिया।
Varanasi: अचानक कार्रवाई से छात्रों में मचा हड़कंप
दुर्गाकुंड क्षेत्र (Varanasi) में वर्षों से संचालित आकाश कोचिंग सेंटर पर हुई इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परिसर के बाहर एकत्र हो गए। अचानक कोचिंग सील होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। कई छात्र अपनी आगामी कक्षाओं और परीक्षाओं की तैयारी को लेकर चिंता व्यक्त करते नजर आए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, भवन निर्माण नियमों या अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शहरभर में चलेगा व्यापक निरीक्षण अभियान
वीडीए अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं रहेगी। वाराणसी (Varanasi) के सभी कोचिंग सेंटरों, इंस्टीट्यूटों और अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों का चरणबद्ध निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी या नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां बिना पूर्व सूचना के सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आकाश कोचिंग सेंटर (Varanasi) पर हुई कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रशासन बड़े स्तर पर अभियान चलाकर सभी शिक्षण संस्थानों की फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा का ऑडिट करेगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

