Varanasi के भेलूपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एसीपी कार्यालय के सामने और पेट्रोल पंप के समीप स्थित एक जियो मोबाइल टावर में मरम्मत के दौरान अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जियो टावर पर एक मजदूर मरम्मत कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और टावर से आग (Varanasi) की तेज लपटें उठने लगीं। आग तेजी से फैलने लगी, लेकिन मजदूर ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते सुरक्षित नीचे उतरकर अपनी जान बचा ली।
पेट्रोल पंप प्रबंधन ने दिखाई सतर्कता
घटना के समय टावर के बिल्कुल पास स्थित पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और प्रबंधन (Varanasi) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप का संचालन बंद करा दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर शुरुआती नियंत्रण पाने का प्रयास किया। साथ ही फायर ब्रिगेड, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और एसीपी कार्यालय को तत्काल घटना की सूचना दी गई, ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे को रोका जा सके।
Varanasi: 45 मिनट बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
स्थानीय लोगों (Varanasi) के अनुसार, सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम लगभग 45 मिनट बाद मौके पर पहुंची। तब तक भेलूपुर थाना प्रभारी, दुर्गाकुंड चौकी प्रभारी समेत भारी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच चुका था। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद टावर में लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझने के बाद स्थानीय लोगों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया कि जब इस मोबाइल टावर को पेट्रोल पंप के समीप लगाया जा रहा था, तब कॉलोनी के लोगों और पेट्रोल पंप प्रबंधन ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि ईंधन स्टेशन (Varanasi) के इतने करीब मोबाइल टावर स्थापित करना भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से आग पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंची, अन्यथा स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद काफी देर तक मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

