Varanasi: दालमंडी में पोकलैंड मशीन से गिराए जा रहे भवन, ध्वस्तीकरण अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 11 जून को होगी बड़ी कार्रवाई

Varanasi: दालमंडी मॉडल सड़क परियोजना के तहत चल रहा ध्वस्तीकरण अभियान अब और तेज हो गया है। पुराने और अधिग्रहित भवनों को तेजी से हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पोकलैंड मशीन को मैदान में उतार दिया है। सोमवार शाम मशीन को दालमंडी क्षेत्र में पहुंचाया गया, जिसके बाद मंगलवार सुबह से बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

पीडब्ल्यूडी की टीम द्वारा लगातार पुराने भवनों को गिराकर मलबे में तब्दील किया जा रहा है, ताकि परियोजना के लिए निर्धारित भूमि को जल्द से जल्द खाली कराया जा सके।

11 जून को 16 मकानों पर होगी बड़ी कार्रवाई

पीडब्ल्यूडी ने सोमवार को दालमंडी क्षेत्र में मुनादी कराकर 16 भवन स्वामियों को 11 जून तक अपने मकान और दुकानें खाली करने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद इन भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के.के. सिंह ने बताया कि अधिग्रहण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसके साथ ही वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा अवैध घोषित कुछ भवनों को भी ध्वस्तीकरण सूची में शामिल किया गया है।

Varanasi: जून के अंत तक भूमि खाली कराने का लक्ष्य

अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग का लक्ष्य जून के अंतिम सप्ताह तक परियोजना क्षेत्र की पूरी भूमि खाली कराना है। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी स्वयं इस परियोजना की कार्यदायी संस्था है और मॉडल सड़क (Varanasi) के निर्माण का कार्य भी विभाग ही करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि कार्य इसी गति से चलता रहा तो अक्टूबर तक मॉडल सड़क का निर्माण पूरा कर इसे जनता को समर्पित किया जा सकेगा।

अब तक 70 भवन गिराए गए

दालमंडी मॉडल सड़क परियोजना (Varanasi) के लिए कुल 187 संपत्तियां चिन्हित की गई थीं, जिनमें 181 मकान और 6 मस्जिदें शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्र में लगभग 1400 दुकानें भी प्रभावित हो रही हैं।

ध्वस्तीकरण अभियान की शुरुआत 29 अक्टूबर 2025 को हुई थी। अब तक करीब 70 भवनों को हटाया जा चुका है, जबकि अभी 111 मकान और 6 मस्जिदें शेष हैं। सूत्रों के अनुसार फिलहाल मस्जिदों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन्हें परियोजना के अंतिम चरण में हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

पोकलैंड मशीन ने बढ़ाई कार्रवाई की रफ्तार

सोमवार शाम पुलिस की मौजूदगी में पोकलैंड मशीन को दालमंडी (Varanasi) के अंदर पहुंचाया गया। मशीन ने प्रवेश के बाद कई जर्जर और आंशिक रूप से टूट चुके भवनों को ध्वस्त किया। अधिकारियों के अनुसार मात्र एक घंटे की कार्रवाई में चार भवनों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। वर्तमान में मशीन को क्षेत्र के मध्य भाग में तैनात किया गया है, जहां से आवश्यकता के अनुसार विभिन्न स्थानों पर उसका उपयोग किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है योजना

दालमंडी को मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने की योजना प्रधानमंत्री के काशी विकास विजन (Varanasi) का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस परियोजना का शिलान्यास किया था।

परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा 215.88 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं प्रभावित 186 भवन और दुकान मालिकों को लगभग 191 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी (Varanasi) क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सुगम और व्यवस्थित मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी।

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