Varanasi: पुलिस भर्ती परीक्षा का सपना अधूरा रह गया, जौनपुर जाते समय ट्रक की चपेट में आए पिता-पुत्री, दर्दनाक मौत

Varanasi: एक बेटी के सपनों को पंख देने निकले पिता को शायद यह नहीं पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा देने जा रही 20 वर्षीय आंचल सोनकर और उसके पिता पृथ्वीनाथ सोनकर की मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों के शव क्षत-विक्षत होकर सड़क पर दूर तक बिखर गए। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।

यह दर्दनाक हादसा फूलपुर थाना क्षेत्र के बाबतपुर-जौनपुर बाईपास मार्ग (Varanasi) पर बेलवा नागापुर के पास हुआ। रामनगर थाना क्षेत्र के कोदोपुर गांव निवासी पृथ्वीनाथ सोनकर (64) अपनी बेटी आंचल सोनकर को जौनपुर में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के लिए जा रहे थे। उनके पड़ोसी दिनेश सोनकर बाइक चला रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों जौनपुर की ओर जा रहे थे तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद ट्रक पिता और पुत्री को कुचलते हुए आगे निकल गया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहे दिनेश सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

Varanasi: 10 मीटर तक बिखरे शवों के अवशेष

स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना का दृश्य बेहद भयावह था। टक्कर के बाद पिता और बेटी के शवों के अवशेष लगभग 10 मीटर तक सड़क पर बिखर गए थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।

हादसे (Varanasi) के दौरान बाइक चला रहे दिनेश सोनकर ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए पिंडरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इस दुर्घटना के बाद मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। आंचल के भाई निखिल सोनकर ने रोते हुए बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति (Varanasi) मजबूत नहीं थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वह स्वयं पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करता है ताकि परिवार का सहयोग कर सके। पिता पृथ्वीनाथ भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।

निखिल ने बताया कि आंचल पढ़ाई में बेहद होनहार थी और परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। पिता हमेशा चाहते थे कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी हासिल करे और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारे। इसी उम्मीद के साथ पूरे परिवार ने आंचल की पढ़ाई जारी रखी थी।

भावुक होते हुए निखिल ने कहा कि रविवार को उसकी बहन पुलिस भर्ती परीक्षा का प्रवेश पत्र लेकर घर आई थी। पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। सोमवार शाम (Varanasi) को घर में नौकरी और भविष्य को लेकर चर्चा हो रही थी। आंचल बार-बार कह रही थी कि यदि उसे नौकरी मिल गई तो वह माता-पिता की गरीबी दूर कर देगी और परिवार को बेहतर जिंदगी दे सकेगी।

उन्होंने बताया कि उनके पिता बाइक नहीं चला पाते थे। ऐसे में पड़ोसी और परिवार के करीबी दिनेश सोनकर से अनुरोध किया गया कि वह आंचल को परीक्षा दिलाने जौनपुर ले जाएं। मंगलवार सुबह तीनों परीक्षा केंद्र के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया।

फूलपुर थाना प्रभारी निरीक्षक (Varanasi) राजीव सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में पिता और पुत्री की मृत्यु हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं घायल दिनेश सोनकर का अस्पताल में उपचार जारी है।

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