Varanasi: आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को गति देते हुए प्रदेश की 32 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर के नेतृत्व में लिया गया।
घोषित सूची में वाराणसी (Varanasi) के सारनाथ क्षेत्र निवासी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष नित्यानंद पाण्डेय को चंदौली जिले की सकलडीहा विधानसभा का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नित्यानंद पाण्डेय को पार्टी का मजबूत संगठनकर्ता माना जाता है। इससे पहले भी वे चंदौली जनपद के प्रभारी के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभा चुके हैं।
Varanasi: पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का करेंगे कार्य
वहीं बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 सामाजिक न्याय, समान भागीदारी और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। उन्होंने कहा कि नियुक्त प्रभारी और सह-प्रभारी (Varanasi) अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन विस्तार, बूथ स्तर की मजबूती, जनसंपर्क अभियान और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने कहा कि पार्टी संगठनात्मक मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। सभी पदाधिकारियों को विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने, संगठन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी हुए नियुक्त
पार्टी द्वारा जिन विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, उनमें गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी (Varanasi), चंदौली, भदोही, आजमगढ़, मऊ, बलिया, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर और मुरादाबाद समेत कई जनपद शामिल हैं।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी नियुक्त पदाधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में पहुंचाने के लिए कार्य करेंगे।
सुभासपा ने दोहराया कि वह प्रदेश की पिछड़ी, अति पिछड़ी, दलित और वंचित जातियों के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के संकल्प (Varanasi) के साथ चुनावी रण में उतरने जा रही है।


सही समय पर सही निर्णय अभी सारी पार्टियां प्रत्याशी चयन में ही लगी हैं उसमें सुभासपा ने बाजी मार ली