Varanasi में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि लोगों को लू, गर्म हवाओं और हीट स्ट्रोक से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जहां तक संभव हो दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि खिड़कियों को एल्यूमिनियम फॉयल, गत्ते या रिफ्लेक्टर से ढंककर रखें, ताकि बाहर की गर्मी घर के अंदर न आ सके। लोगों को मौसम विभाग (Varanasi) के पूर्वानुमान पर नजर रखने और तापमान में बदलाव के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।
बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से संतुलित और हल्का भोजन करने, बासी भोजन से बचने तथा शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन न करने को कहा है। गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए लस्सी, छाछ, बेल का शर्बत, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
किन लोगों को अधिक खतरा
- प्रशासन के अनुसार 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और मजदूर वर्ग सबसे अधिक जोखिम में हैं।
- इसके अलावा हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा, पार्किंसन रोग या त्वचा संबंधी बीमारियों (Varanasi) से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
- निर्माण कार्य, कृषि, औद्योगिक इकाइयों और खुले मैदान में काम करने वाले श्रमिकों व खिलाड़ियों को भी लू से बचाव के लिए अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है।
Varanasi: लू लगने के प्रमुख लक्षण
- प्रशासन ने बताया कि शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
- लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, लाल और शुष्क त्वचा, पसीना बंद होना, तेज धड़कन, उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति, कमजोरी और पेशाब कम होना शामिल हैं।
- इन लक्षणों को नजरअंदाज करने पर शरीर के आंतरिक अंगों, विशेषकर मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक से रहें सतर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी से होने वाली बीमारियां मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं—हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक। हीट एग्जॉशन (Varanasi) में अत्यधिक प्यास, ज्यादा पसीना, चक्कर आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं हीट स्ट्रोक अधिक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें शरीर का तापमान 104 डिग्री फ़ारेनहाइट से ऊपर पहुंच सकता है और मरीज बेहोशी या मानसिक भ्रम की स्थिति में जा सकता है।
लू लगने पर क्या करें
प्राथमिक उपचार के तौर पर प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। उसके कपड़े ढीले करें और शरीर को गीले कपड़े से पोंछें। प्रशासन ने ORS घोल, नमक-चीनी वाला पानी और नींबू पानी पिलाने की सलाह दी है। यदि मरीज की स्थिति सामान्य न हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने को कहा गया है।
नियोक्ताओं और पशुपालकों के लिए भी निर्देश
प्रशासन ने नियोक्ताओं से कार्यस्थल पर ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने और भारी काम सुबह या शाम के समय कराने को कहा है। वहीं पशुपालकों (Varanasi) को निर्देश दिए गए हैं कि जानवरों को छायादार स्थान पर रखें, पर्याप्त पानी दें और उन्हें बंद वाहनों या गर्म स्थानों में न छोड़ें।
जिला प्रशासन (Varanasi) ने लोगों से अपील की है कि गर्मी और लू को हल्के में न लें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।

