तंत्र-मंत्र के चक्कर में रची गई हत्या की साजिश, Varanasi पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार

Varanasi: चौक थाना क्षेत्र में सोमवार को हुई बुजुर्ग राजन की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार यह हत्या किसी पुरानी रंजिश या आर्थिक विवाद में नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के शक में की गई थी। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विशाल भारतीय को विश्वास था कि राजन तंत्र-मंत्र और जादू-टोना करता है। विशाल का दावा था कि उसके परिवार में लगातार हो रही मौतों के पीछे राजन का ही हाथ है। इसी अंधविश्वास के चलते उसने राजन की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के मुताबिक विशाल को लगता था कि यदि राजन को रास्ते से हटा दिया जाए तो उसके परिवार पर आया कथित संकट समाप्त हो जाएगा। इसी सोच के तहत उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या (Varanasi) की योजना बनाई।

Varanasi: चार आरोपी गिरफ्तार

मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल भारतीय, विकास विश्वकर्मा, सुजीत वाल्मीकि और कृष्णा वाल्मीकि के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार विशाल भारतीय हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था। विकास विश्वकर्मा ने घटना (Varanasi) के दौरान मुखबिरी और निगरानी की भूमिका निभाई। सुजीत वाल्मीकि और कृष्णा वाल्मीकि ने पिस्टल से दो गोलियां मारकर राजन की हत्या की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

24 घंटे के भीतर पुलिस ने सुलझाया मामला

इस संबंध में अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि घटना के छह घंटे के भीतर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल गए थे। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ (Varanasi) के दौरान विशाल ने दावा किया कि उसके ऊपर उसके मृत पिता की आत्मा आती है और उसी ने उसे हत्या करने के लिए प्रेरित किया। हालांकि पुलिस की सख्त पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह जांच को भटकाने और बचने के लिए यह कहानी गढ़ रहा था।

अवैध हथियार की भी जांच

पुलिस (Varanasi) ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार बरामद किए हैं। अब यह जांच की जा रही है कि पिस्टल आरोपियों तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कोई हथियार तस्करी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपी आपस में दोस्त हैं। इनमें दो आरोपी एक ही इलाके के निवासी हैं जबकि दो अन्य मंडुवाडीह क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी ने मिलकर सुनियोजित तरीके से हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच(Varanasi) में हत्या के पीछे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ा भ्रम ही प्रमुख कारण सामने आया है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि वैज्ञानिक युग में भी अंधविश्वास किस तरह लोगों को गंभीर अपराध की ओर धकेल सकता है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles